MAINS ANSWER WRITING 16 January 2019

GS PAPER II

एक ऐसे देश में जहां सार्वजनिक प्रवचन बायनेरिज़ में परिवर्तित हो जाता है , उसमे  देशद्रोह और इसके कार्यान्वयन के  वास्तविक कानून के अंधेरे क्षेत्रों के माध्यम से संचालन   करने की कल्पना करना मुश्किल है । इस संदर्भ में विश्लेषण करें कि भारतीय लोकतंत्र में राजद्रोह कानून के मामले में आगे की राह क्या होना चाहिए।

In a country where public discourse reduces to binaries, it is hard to imagine navigating through dark areas that lie between actual law on sedition and its implementation. In this context analyse what should be further course in case of sedition law in Indian democracy.