The Hindu Editorial Analysis in Hindi
21 April 2026
राज्य विधान सभा और उसके चुनाव
(Source – The Hindu, International Edition, Page no.-8 )
विषय: कक्षा 2 – राजनीति; संसदीय संरचना
समाचार में क्यों: हाल की बहसों में राज्यों की विधानसभा चुनावों की स्वतंत्रता और निष्पक्षता, शक्ति के दुरुपयोग, चुनावी सुधारों तथा राज्यों में लोकतांत्रिक जवाबदेही को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर चिंता व्यक्त की गई है।

मुख्य बिंदु
- राज्य विधान सभा राज्य स्तर पर जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित सदन है और राज्य लोकतंत्र का मूल आधार है।
- चुनाव भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जाते हैं, जो स्वतंत्र, निष्पक्ष और नियमित चुनाव सुनिश्चित करता है।
- सदस्य प्रथम-पास-द-पोस्ट प्रणाली के माध्यम से चुने जाते हैं, जिसमें सर्वाधिक मत पाने वाला उम्मीदवार विजयी होता है।
- विधान सभा विधायी, वित्तीय और कार्यपालिका पर नियंत्रण रखती है, जिससे यह राज्य की सबसे शक्तिशाली संस्था बनती है।
- राजनीतिक दल उम्मीदवार चयन, चुनाव प्रचार और सरकार गठन में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।
- धनबल, अपराधीकरण और चुनावी पारदर्शिता जैसे मुद्दे अभी भी प्रमुख चुनौतियाँ हैं।
राज्य विधान सभा : अर्थ और संरचना
- राज्य विधान सभा राज्य विधानमंडल का निचला सदन है और निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से जनता की इच्छा को व्यक्त करता है।
- संरचना: इसके सदस्य राज्य के क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों से सीधे चुने जाते हैं।
- आकार: सदस्य संख्या राज्य की जनसंख्या के अनुसार 60 से 500 तक होती है, कुछ छोटे राज्यों में अपवाद हैं।
- कार्यकाल: सामान्यतः 5 वर्ष का होता है, परंतु राज्यपाल द्वारा पहले भी भंग किया जा सकता है।
- अध्यक्ष: सदन का संचालन अध्यक्ष द्वारा किया जाता है, जो कार्यवाही को निष्पक्ष रूप से संचालित करता है।
विधान सभा की शक्तियाँ और कार्य
- विधायी शक्तियाँ: राज्य सूची और समवर्ती सूची के विषयों पर कानून बनाना।
- वित्तीय शक्तियाँ: बजट और धन विधेयकों पर विशेष नियंत्रण।
- कार्यपालिका नियंत्रण: मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से विधान सभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
- निर्वाचन संबंधी कार्य: राष्ट्रपति के चुनाव में भागीदारी तथा राज्यसभा में रिक्तियों की पूर्ति।
- संवैधानिक भूमिका: कुछ संशोधनों में राज्यों की स्वीकृति में भागीदारी।
राज्य विधान सभा चुनाव : एक अवलोकन
- चुनाव का स्वरूप: प्रत्यक्ष, लोकतांत्रिक और सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार पर आधारित।
- आयोजन: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा।
- आवृत्ति: सामान्यतः हर 5 वर्ष में, या पूर्व विघटन की स्थिति में पहले।
- निर्वाचन क्षेत्र: प्रत्येक राज्य को एक-सदस्यीय क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है।
- मतदान प्रणाली: प्रथम-पास-द-पोस्ट प्रणाली।
उम्मीदवारों की पात्रता और योग्यता
- नागरिकता: भारत का नागरिक होना आवश्यक।
- आयु सीमा: न्यूनतम 25 वर्ष।
- मतदाता पंजीकरण: किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता होना चाहिए।
- अन्य शर्तें: लाभ के पद पर न हो तथा किसी कानून के तहत अयोग्य न हो।
- कानूनी स्थिति: कुछ अपराधों में दोषसिद्ध व्यक्ति अयोग्य हो सकते हैं।
चुनाव प्रक्रिया
- चुनाव अधिसूचना: निर्वाचन आयोग द्वारा जारी।
- नामांकन: उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करना और उसकी जांच।
- प्रचार: आचार संहिता के तहत चुनाव प्रचार।
- मतदान: इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों के माध्यम से गुप्त मतदान।
- मतगणना और परिणाम: सर्वाधिक मत प्राप्त करने वाला उम्मीदवार विजयी घोषित।
राजनीतिक दलों की भूमिका
- उम्मीदवार चयन: रणनीति और जनसमर्थन के आधार पर।
- घोषणापत्र: नीतियों और वादों की घोषणा।
- प्रचार प्रबंधन: रैलियाँ, विज्ञापन और जनसंपर्क।
- सरकार गठन: बहुमत प्राप्त दल या गठबंधन सरकार बनाता है।
राज्य विधान सभा चुनावों का महत्व
- लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व: जनता की आवाज को शासन में स्थान।
- नीति निर्माण: स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में प्रभाव।
- जवाबदेही: सरकार जनता के प्रति उत्तरदायी रहती है।
- संघीय ढाँचा: राज्यों को सशक्त बनाकर संघीय व्यवस्था को मजबूत करता है।
- राजनीतिक भागीदारी: नागरिकों की सहभागिता और जागरूकता बढ़ाता है।
विशेष प्रावधान
- आरक्षण: अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीट आरक्षित।
- दल-बदल विरोधी कानून: राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करता है।
- राज्यपाल की भूमिका: सदन को बुलाना, स्थगित करना या भंग करना।
- आपातकालीन स्थिति: राष्ट्रीय आपातकाल में कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।
निष्कर्ष
राज्य विधान सभा चुनाव भारत के संघीय लोकतंत्र की आधारशिला हैं, जो प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और उत्तरदायी शासन सुनिश्चित करते हैं।
चुनावी शुचिता को मजबूत करना, अनियमितताओं को रोकना और संस्थागत पारदर्शिता बढ़ाना लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक है।
निरंतर सुधार और प्रभावी निगरानी से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि चुनाव वास्तव में जनता की इच्छा को प्रतिबिंबित करें और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखें।
प्रारंभिक परीक्षा हेतु प्रश्न
प्रश्न: राज्य विधान सभा चुनावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- चुनाव भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जाते हैं।
- सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से चुने जाते हैं।
- चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 2
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (a)