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AI का अगला इन्वेस्टमेंट साइकिल एप्लीकेशंस का है।

(Source – The Hindu, International Edition, Page no.-10 )

विषय: जीएस पेपर – जीएस 3: विज्ञान और प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल अर्थव्यवस्था, नवाचार और निवेश

प्रसंग

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) उद्योग एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुका है। कई वर्षों तक आधारभूत ढाँचे — जैसे डेटा सेंटर, चिप्स, क्लाउड कंप्यूट और बड़े भाषा मॉडल — में भारी निवेश के बाद अब केंद्रीय प्रश्न यह नहीं रह गया है कि AI काम करता है या नहीं, बल्कि यह है कि क्या AI टिकाऊ लाभ उत्पन्न कर सकता है। उभरता हुआ उत्तर स्पष्ट है: AI में मूल्य सृजन का अगला चरण आधारभूत ढाँचे या और बड़े मॉडल बनाने से नहीं, बल्कि ठोस, राजस्व उत्पन्न करने वाले अनुप्रयोगों से आएगा।

AI आधारभूत ढाँचा बनाम AI अनुप्रयोग

  • केवल वर्ष 2025 में ही वैश्विक स्तर पर कंपनियों ने AI आधारभूत ढाँचे पर लगभग 320 अरब डॉलर खर्च किए।
  • इसके बावजूद, अधिकांश आधारभूत मॉडल विकसित करने वाली कंपनियाँ बहुत कम लाभ या घाटे में ही बनी हुई हैं।
  • उच्च इनफेरेंस लागत, तीव्र प्रतिस्पर्धा और मूल्य निर्धारण का दबाव लाभप्रदता को सीमित कर रहे हैं।
  • जिन कंपनियों की आय मजबूत दिखती है, वे भी संचालन से लाभ नहीं कमा पा रही हैं और अभी भी वेंचर कैपिटल या कॉरपोरेट फंडिंग पर निर्भर हैं।

इसके विपरीत, AI अनुप्रयोगों की स्थिति अलग है:

  • वर्ष 2025 में AI अनुप्रयोगों पर खर्च 19 अरब डॉलर से अधिक हो गया।
  • यह कुल जेनरेटिव AI खर्च का आधे से अधिक और वैश्विक सॉफ्टवेयर बाजार का 6 प्रतिशत से अधिक है।
  • यह उपलब्धि ChatGPT के लॉन्च के केवल तीन वर्षों के भीतर हासिल हुई है।
  • यह दर्शाता है कि व्यवसाय अब AI को केवल प्रयोग के रूप में नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर लागू कर रहे हैं।

वास्तविक बाजार मांग के प्रमाण

  • 10 से अधिक AI उत्पाद ऐसे हैं जो सालाना 1 अरब डॉलर से अधिक का नियमित राजस्व उत्पन्न कर रहे हैं।
  • लगभग 50 AI उत्पादों की वार्षिक आय 100 मिलियन डॉलर से अधिक है।
  • अधिग्रहण (acquisitions) अब अधिकतर अनुप्रयोग-केंद्रित कंपनियों पर केंद्रित हैं, न कि केवल आधारभूत ढाँचा प्रदाताओं पर।
  • निवेशक उन AI टूल्स को प्राथमिकता दे रहे हैं जो स्वचालन, उत्पादकता वृद्धि और कार्यप्रवाह में वास्तविक सुधार लाते हैं।

वास्तविक मूल्य कहाँ उभर रहा है

  • सबसे तेज़ गति विभागीय और उद्यम-स्तरीय AI अनुप्रयोगों में देखी जा रही है।
  • वर्ष 2025 में केवल कोडिंग टूल्स ने 7.3 अरब डॉलर के विभागीय AI बाजार में से 4 अरब डॉलर का योगदान दिया।
  • उच्च प्रदर्शन करने वाली कंपनियों में डेवलपर्स के बीच AI का उपयोग अब सामान्य हो चुका है।
  • AI अनुप्रयोग कंपनियाँ कार्यप्रवाह में गहराई से एकीकृत होकर और स्वामित्व वाले डेटा का उपयोग कर उद्यम बजट का बड़ा हिस्सा प्राप्त कर रही हैं।
  • जैसे-जैसे आधारभूत ढाँचे की लागत घटेगी और दक्षता बढ़ेगी, अनुप्रयोग-आधारित AI में लाभ मार्जिन तेज़ी से बढ़ने की संभावना है।

निवेश रुझान इस बदलाव की पुष्टि करते हैं

  • AI अनुप्रयोगों में निवेश सौदे साल-दर-साल 65 प्रतिशत बढ़े हैं।
  • लगभग 80 प्रतिशत सौदे मौजूदा पोर्टफोलियो कंपनियों के लिए ऐड-ऑन अधिग्रहण रहे हैं।
  • रणनीतिक विलय और अधिग्रहण में तेज़ वृद्धि देखी गई है और सौदों का मूल्य भी बढ़ा है।
  • निवेशक अब तकनीकी नवीनता से अधिक वास्तविक ग्राहक आधार, ग्राहक बनाए रखने की क्षमता और लाभप्रदता के स्पष्ट रास्ते खोज रहे हैं।

नीति और शासन से जुड़ी प्रमुख चुनौतियाँ

AI के अगले चरण के साथ कुछ जटिल शासन संबंधी प्रश्न भी सामने आ रहे हैं:

  • प्रतिस्पर्धा से जुड़ी चिंताएँ, विशेषकर तब जब आधारभूत मॉडल प्रदाता स्वयं अनुप्रयोग बाजार में प्रवेश कर रहे हैं।
  • कॉपीराइट और डेटा स्वामित्व से जुड़े विवाद, क्योंकि प्रशिक्षण डेटा और स्वामित्व वाले डेटासेट आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण हो गए हैं।
  • गोपनीयता नियमों की चुनौती, विशेषकर तब जब AI एजेंट बड़ी मात्रा में व्यक्तिगत और व्यावसायिक डेटा तक पहुँच बना रहे हैं।

हालाँकि, अत्यधिक कठोर या समय से पहले किया गया विनियमन अनुप्रयोग स्तर पर नवाचार को बाधित कर सकता है। इसलिए नीति निर्माताओं को संतुलन बनाना होगा — नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए प्रतिस्पर्धा और अधिग्रहण से जुड़ी चिंताओं को नियंत्रित करना।

पिछली तकनीकी क्रांतियों से मिलने वाले सबक

  • इंटरनेट का व्यावसायीकरण केवल बैंडविड्थ बेचकर नहीं हुआ, बल्कि उन अनुप्रयोगों के माध्यम से हुआ जिन्होंने बैंडविड्थ को उपयोगी बनाया।
  • उसी प्रकार, AI की व्यावसायिक सफलता केवल कंप्यूटिंग क्षमता से नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, कानून, वित्त, विनिर्माण और सार्वजनिक सेवाओं जैसी वास्तविक समस्याओं के समाधान से तय होगी।

निष्कर्ष

AI क्षेत्र अब आधारभूत ढाँचे और पूंजी-प्रधान चरण से निकलकर व्यावहारिक और परिणाम-आधारित अनुप्रयोगों के चरण में प्रवेश कर रहा है। टिकाऊ लाभ उन्हीं टूल्स से आएगा जो:

  • कार्यप्रवाह में सहज रूप से एकीकृत हों,
  • विशिष्ट और मूल्यवान डेटा का उपयोग करें,
  • और ठोस उत्पादकता लाभ प्रदान करें।

निवेशकों, सरकारों और नियामकों के लिए संकेत स्पष्ट है: AI के भविष्य का विकास बड़े मॉडल बनाने में नहीं, बल्कि बेहतर और उपयोगी अनुप्रयोग विकसित करने में निहित है।


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