1.(a) Discuss the role of ethics and values in enhancing the following three major components of Comprehensive National Power(CNP)viz. human capital, soft power(culture and policies), and social harmony. (150 words) (10 Marks)

 व्यापक राष्ट्रीय शक्ति (सी.एन.पी.) के तीन मुख्य घटक टका जैसे मानवीय पैजी, मद शक्ति (संस्कृति और नीतिया) तथा सामाजिक सदभाव की अभिवृद्धि में नीति शास्त्र  और मूल्यों की भूमिका का विवेचन कीजिए।

  1. (b) “Education is not an injunction, it is an effective and pervasive tool for all-round development of an individual and social transformation”.Examine the New Education Policy,2020(NEP,2020)in light of the above statement. (150 words) (10 Marks)

“शिक्षा एक निषेधाज्ञा नहीं है. यह व्यक्ति के समग्र विकास और सामाजिक बदलाव के लिए प्रभावी और व्यापक साधन है। उपरोक्त कथन के आलोक में नई शिक्षा नीति,2000 (एन.ई.पी.,2000) का परीक्षण कीजिए ।

  1. (a) ‘ Hatred is destructive of a person‘s wisdom and conscience that can poison a nation’s spirit. Do you agree with this view? Justify your answer. (150 words) (10 Marks)

“घृणा व्यक्ति की बुद्धिमत्ता और अन्त:करण के लिए संहारक है जो राष्ट्र के चित को विषाक्त कर सकती है? अपने उत्तर की तर्कसंगत व्याख्या करें ।

  1. (b) What are the main components of emotional intelligence (EI) ? Can they be learned? discuss. (150 words) (10 Marks)

संवेगात्मक बुद्धि के मुख्य घटक क्या है? क्या उन्हें सीखा जा सकता है? विवेचना कीजिए।

  1. (a) What teachings of Buddha are most relevant today and why? Discuss. (150 words) (10 Marks)

बुद्ध की कौन सी शिक्षाएं आज सर्वाधिक प्रासंगिक हैं और क्यों ? विवेचना कीजिए ।

  1. (b) ‘The will to power exits, but it can be tamed and be guided by rationality and principles of moral duty.’ Examine this statement in the context of international relations. (150 words) (10 Marks)

‘शक्ति की इच्छा विद्यमान है, लेकिन विवेकशीलता और नैतिक कर्त्तव्य के सिद्धातों से उसे साधित और निर्देशित किया जा सकता है। अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्धों के संदर्भ में इस कथन का परीक्षण कीजिए।

  1. (a) Distinguish between laws and rules. Discuss the role of ethics in formulating them. (150 words). (10 Marks)

विधि और नियम के बीच विभेदन कीजिए | इनके सूत्रीकरण में नीति-शान की भमिका का जिसे कीजिए।

  1. (b) A positive attitude is considered to be an essential characteristic of a civil servant who is often required to function under extreme stress. What contributes a positive attitude in person.? (150 words). (10 Marks)

सकारात्मक अभिवृत्ति एक लोक सेवक की अनिवार्य विशेषता मानी जाती है जिसे प्रायः नितान्त दबाव में कार्य करना पड़ता है। एक व्यक्ति की सकारात्मक अभिवृत्ति में क्या योगदान देता है।

  1. (a) What are the main factors responsible for gender responsibility in India ? Discuss the contribution of Savitribai Phule in this regard. (150 words). (10 Marks)

भारत में सैगिक असमानता के लिए कौन से मख्य कारक उत्तरदायी है उस संदर्भ में सावित्रीबाई फले के योगदान का विवेचन कीजिए । 

  1. (b) The current internet expansion has instilled a different set of cultural values which are in conflict with traditional values. Discuss. (150 words). (10 Marks)

“सामयिक इंटरनेट विस्तारण ने सांस्कृतिक मूल्यों के एक भिन्न समूह को मनासीन किया है, जो प्रायः परम्परागत मूल्यों से संघर्षशील रहते हैं। विवेचना कीजिए।

  1. What do each of the following quotations mean to you? (10 Marks)


 निम्नलिखित में से प्रत्येक उद्धरण का आपके विचार से ज्या अभिप्राय है?

  1. (a) ” Condemn none: if you can stretch out a helping hand do so. If not fold your hands, bless your brothers and let them go their own way.” – Swami Vivekanand (150 words). (10 Marks)

 “किसी की मत्सना नहीं कीजिए : अगार. आप मदद का हाथ आगे बढ़ा सकते है, तो एमा कीजिए। यदि नहीं तो आप हाय जोडिए, अपने बंधुओं को आशीर्वचन दीजिए और उन्हें अपने मार्ग पर जाने दीजिए.।” – स्वामी विवेकानंद

  1. (b) “The best way to find yourself is to lose yourself in service of others .” Mahatma Gandhi (150 words). (10 Marks)

“स्वयं को खोजने का सर्वोत्तम मार्ग यह है कि अपने आप को अन्य की सेवा में खो दें। – महात्मा गांधी

  1. (c) ” A system of morality which is based on relative emotional values is a mere illusion, a thoroughly vulgar conception which has nothing sound in it and nothing true.” – Socrates. (150 words). (10 Marks)

 “नैतिकता की एक बदस्था जो कि मापेक्ष भावनात्मक मृत्यों पर आधारित है केवल एक मांत्ति है, एक अत्यंत अशिष्ट अवधारणा जिसमें कुछ भी युक्तिसंगत नहीं है और न ही सच। -सुकरात

  1. Rajesh Kumar is a senior public servant, with a reputation of honesty and forthrightness, currently posted in the Finance Ministry as the Head of the Budget Division. His department is presently busy in organizing the budgetary support to the states, four of which are due to the polls within the financial year. 

This year’s annual budget had allotted Rs 8300 crores for the National Housing Scheme (NHS), a centrally sponsored social housing scheme for the weaker sections of society. Rs 775 crores have been drawn for NHS till June.

The Ministry of Commerce had long been pursuing a case for setting up a Special Economic Zone (SEZ) in a southern state to boost exports. After two years of detailed discussion between the center and state, the Union Cabinet approved the project in August. The process was initiated to acquire the necessary land.

Eighteen months ago a leading Public Sector Unit (PSU) had projected the need for setting up a large natural gas processing plant in a northern state for the regional gas grid. The land is already in possession of the PSU. The gas grid is an essential component of the national energy security strategy. After three rounds of global bidding, the project was allotted to an MNC, M/s XYZ Hydrocarbons. The first tranche of payment to the MNC is scheduled to be made in December.

Finance Ministry was asked for a timely allocation of an additional Rs 6000 crores for these two developmental projects. It was decided to recommend re-appropriation of this entire amount from NHS allocation. The file was forwarded to the Budget Department for their comments and further processing. On studying the case file, Rajesh Kumar realized that this re-appropriation may cause an inordinate delay in the execution of NHS, a project much publicized in the rallies of senior politicians. Correspondingly, the non-availability of finances would cause a financial loss in the SEZ and national embarrassment due to delayed payment in the international project.

Rajesh Kumar discussed the matter with seniors. He was conveyed that this politically sensitive situation needs to be processed immediately. Rajesh Kumar realized that diversion of funds from the NHS could raise difficult questions for the government in the Parliament.

Discuss the following with reference to this case:

  • Ethical issues involved in re-appropriation of funds from a welfare project to the development projects.
  • Given the need for proper utilization of public funds, discuss the options available to Rajesh Kumar. Is resigning a worthy option? (250 words) (20 Marks)

राजेश कुमार एक वरिष्ठ लोक सेवक हैं जिनकी ईमानदारी और स्पष्टवादिता की प्रतिष्ठा भामुख है। आजकाल वित्त मंत्रालय के बजट मन्त्रालय के बजट विभाग के प्रमुख है। वर्तमान में उनका विभाग राज्यों को बजी सहायता की व्यवस्था करने में व्यस्त  हैं। जिनमे से चार राज्यों में इसी वित्तीय वर्ष में चुनाव होने वाले है।
इस वर्ष एक वार्षिक बजर ने राष्ट्रीय आवास योजना योजना (एन.एच.एस.) को 8300 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। यह समाज के कमजोर समूहो के लिए लिए केंद्र प्रायोजित सामाजिक आवास योजना है। जून माह तक 775 करोड़ रुपये एन.एच.एस.हेतु ली गई है। 
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बाणिज्य मंत्रालय काफी समय से एक दक्षिणी राज्य में विशेष आर्थिक जोन (एस.ई.जेड) स्थापित करने की पैरवी कर रहा है। केंद्र और राज्य के मध्य दो वर्षों तक चली विस्तृत चर्चा के बाद अगस्त माह में केंद्र मंत्रिमंडल में इस योजना की स्वीकृति प्रदान कर दी। आवश्यक भूमि प्राप्त करने के लिए प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई। 
अट्ठारह माह पूर्व एक उत्तरी राज्य में क्षेत्रीय गैस ग्रिड के लिए एक प्रमख सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई ने विशाल गैस प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने की आवश्यकता बताई थी। सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई (पी.एस.पू.) के पास आवश्यक भूमि पहले से ही है। राष्ट्रीय ऊर्जा सरक्षा व्यूहरचना में यह गैस ग्रिड एक अनिवार्य घटक है। वीश्वक बोली (जलोबल बिडिंग) के तीन चरणों के बाद इस योजना को एक बहराष्ट्रीय उद्योग (एम. एक बहुराष्ट्रीय उद्योग (एम सीमर्स एक्स वाई जेड हाइड्रोकार्बन का आबाटत किया गया । दिसम्बर में इस बहराष्ट्रीय उद्योग को भुगतान का की पहेली क़िस्त देना निर्धारित है।
इन दो विकास योजनाओं को समय से 6000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि आबंटित करने के लिए वित्त मंत्रालय को कहा गया । यह निर्णय 
लिया गया कि परी राशि एन.एच.एस. आबटन में स पुनर्विनियोजित करने की संस्तुति की जाए । फाइल को समीक्षा और अग्रिम कार्यवाही के लिए बजट विभाग को प्रेषित कर दिया गया । फाइल का अध्ययन करने पर राजेश कुमार को यह आभास हुआ कि पुनाबनियोजन करने से एन.एच.एस. योजना को क्रियान्वित करने में अत्यधिक बिलम्ब हो सकता है, वरिष्ठ राजनेताओं के द्वारा आयोजित सभाओं में इस योजना की काफी चर्चा हुई थी। दूसरी ओर वित्त की अनुपलब्धता से एस.ई.जेड. में वित्तीय क्षति होगी और अंतर्राष्ट्रीय योजना में विलम्बित भुगतान से राष्ट्रीय शर्मिंदगी भी। 
राजेशा कुमार ने इस प्रसंग पर अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। उन्हें बताया गया कि राजनीतिक रूप से इस संवेदनशील स्थिति पर तुरंत कार्यवाही होनी चाहिए। राजेश कुमार ने महसूस किया कि एन.एच.एस. योजना से राशि के विपथन पर सरकार के लिए संसद में कठिन प्रश्न खड़े हो सकते हैं। 
इस प्रसंग के संदर्भ में निम्नलिखित का विवेचन कीजिए : 
कल्याणकारी योजना से विकास योजना में राशि के पुनर्विनियोजन में निहित नीतिपरक मुद्दे । 
सार्वजनिक राशि के उचित उपयोग की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, राजेश कुमार के समक्ष उपलब्ध विकल्पों का विवेचन कीजिए। क्या पदत्याग एक योग्य विकल्प है?

  1. The Chairman of Bharat Missiles Ltd (BML) was watching a program on TV wherein the Prime Minister was addressing the nation on the necessity of developing a self-reliant India. He subconsciously nodded in agreement and smiled to himself as he mentally reviewed BML’s journey in the past two decades. BML had admirably progressed from producing first-generation anti-tank guided missiles (ATGMs) to designing and producing state of the art ATGM weapon systems that would be the envy of any army. He sighed in reconciliation with his assumptions that the government would probably not alter the status quo of a ban on the export of military weaponry.

To his surprise, the very next day he got a telephone call from the Director-General, Ministry of Defence, asking him to discuss the modalities of increasing BML production of ATGMs as there is a probability of exporting the same to a friendly country. The Director-General wanted the Chairman to discuss the details with his staff in Delhi next week.

Two days later, at a press conference, the Defence Minister stated that he aims to double the current weapons export levels within five years. This would give an impetus to financing the development and manufacturing of indigenous weapons in the country. He also stated that all indigenous arms manufacturing nations have a very good record of the international arms trade.

As the Chairman of BML, what are your views on the following points?

  • As an arms exporter of a responsible nation like India, what are the ethical issues involved in arms trade?
  • List five ethical factors that would influence the decision to sell arms to foreign governments. (250 words) (20 Marks)

भारत मिसाईल लिमिटेड (बी.एम.एल.) के अध्यक्ष टीवी पर एक कार्यक्रम देख रहे थे जिसमें प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत के विकास की आवश्यकता पर राष्ट्र को सम्बोधित कर रहे थे। अवचेतन रूप में उन्होंने हामी भरी और मन ही मन मुस्कुराते हुए बी.एम.एल. की विगत दो दशकों की यात्रा की मानसिक पुनर्समीक्षा की । प्रथम पीढी (फर्स्ट जेनरेशन) की एण्टी-टैक गाईडड मिसाईल (ए.टी.जी.एम.) के उत्पादन में प्रशंसनीय रूप से आगे बढ़ कर बी.एम.एल. अब अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित ए.टी.जी.एम. हथियार प्रणालियों के डिजाइन और उनका 
पाटन कर रहा था जो विश्व की किसी भी सेना के लिए ईष्या का कारण होगें । आह भरते हए उन्होंने अपनी इस पर्वधारणा के साथ समझौता किया कि संभवतया सरकार सैनिक हथियारों के निर्यात पर प्रतिबंध की यथास्थिति को नहीं बदलेगी।’ 
उन्हें आश्चर्य हुआ कि अगले ही दिन महानिदेशक, रक्षा मंत्रालय से बी.एम.एल. द्वारा ए.टी.जी.एम, के उत्पादन में वृद्धि करने की रीतियों पर चर्चा करने के लिए उन्हें फोन आया क्योकि समावना है कि एक मित्र विदेशी देश को उनका निर्यात किया जा सकता है। महानिदेशक चाहते  थे कि अध्यक्ष अगले सप्ताह दिल्ली में जन उनके अधिकारियों से विस्तृत चर्चा करें। 
दो दिन बाद, एक संवाददाता सम्मेलन में, रक्षामंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में बे वर्तमान हथियार निर्यात स्तरों को दोगुना करने का ध्येय रखते है । यह देशज हथियारों के विकास और निर्माण के वित्तपोषण को प्रोत्साहन देगा।  उन्होंने यह भी कहा कि सभी देशज हथियार निर्माता राष्ट्री का अंतर्राष्ट्रीय हथियार व्यापार में बड़ा अच्छा रिकॉर्ड है। 
बी.एम.एल. के अध्यक्ष के रूप में निम्नलिखित बिंदुओं पर आपके क्या विचार हैं : 

(a) हथियार निर्यातक के रूप में भारत जैसे उत्तरदायी नीतिपरक मुद्दे क्या है ?
(b) विदेशी सरकारों को हथियारों के विक्रय संबंधी निर्णय को प्रभावित करने वाले पांच नीतिपरक कारणों को सूचीबद्ध कीजिये।


  1. Rampura, a remote district inhabited by a tribal population, is marked by extreme backwardness and abject poverty. Agriculture is the mainstay of the local population, though it is subsistence due to the very small landholdings. There is insignificant industrial or mining activity. Even the targeted welfare programs have inadequately benefited the tribal population. In this restrictive scenario, the youth has begun to migrate to other states to supplement the family income. Plight of minor girls is that their parents are persuaded by labour contractors to send them to work in the Bt Cotton farms of a nearby state. The soft fingers of the minor girls are well suited for plucking the cotton. The inadequate living and working conditions in these farms have caused serious health issues for the minor girls. NGOs in the districts of domicile and the cotton farms appear to be compromised and have not effectively espoused the twin issues of child labour and development of the area.

You are appointed as the District Collector of Rampura. Identify the ethical issues involved. Which specific steps will you initiate to ameliorate the conditions of minor girls of your district and to improve the overall economic scenario in the district (250 words) (20 Marks)

रामपुरा, एक सुदर जनजाति बहल जिला, अत्यधिक पिछड़ेपन और दयनीय निर्धनता से ग्रसित है । कृषि स्थानीय आबादी की आजीविका का मुख्य साधन है लेकिन बहुत छोटे भूस्वामित्व के कारण यह मुख्यतया निर्वाह-खेती तक सीमित है । औद्योगिक या खनन गतिविधियां यहाँ नगण्य हैं । यहाँ तक कि लक्ष्यित कल्याणकारी कार्यक्रमों से भी जनजाति आबादी को अपर्याप्त लाभ हुआ है। इस प्रतिबंधित परिदृश्य में, पारिवारिक आय के अनुपूरण हेतु युवाओं को समीप स्थित राज्यों में पलायन वारना पड़ रहा है। अवयस्क लड़कियों की व्यथा यह है कि श्रमिक ठेकेदार उनके माता-पिता को बहला फुसला कर उन्हें एक नजदीक राज्य में बी.टी. कपास फार्मों में काम करने भेज देते हैं। इन अवयस्क लड़कियों की कोमल अंगुलियां कपास चुनने के लिए अधिक उपयुक्त होती है। इन फामाँ में रहने और काम करने की अपर्याप्त स्थितियों के कारण अवयस्क लड़कियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा हो गई है । मूल निवास और कपास फामों के जिलों में स्वयंसेवी संगठन भी नियमावी लगते हैं और उन्होंने क्षेत्र के बाल श्रम और विकास की दोहरी समस्याओं हेतु कोई ठोस प्रयास नहीं किए है। 
आप को रामपुरा का जिला कलेक्टर नियक्त किया जाता है। यहाँ निहित नीतिपरक मुद्दों की पहचान कीजिए। अपने जिले के सम्पूर्ण आर्थिक परिदृश्य को सुधारने और अवयस्क लड़कियों की स्थितियों में सुधार लाने के लिए आप क्या विशिष्ट कदम उठायेंगे?

  1. You are a municipal commissioner of a large city, having the reputation of a very honest and upright officer. A huge multipurpose mall is under construction in your city in which a large number of daily wage earners are employed. One night, during monsoons, a big chunk of the roof collapsed causing instant death of four labourers including two minors. Many more were seriously injured requiring immediate medical attention. The mishap resulted in a big hue and cry, forcing the government to institute an enquiry.

Your preliminary enquiry has revealed a series of anomalies. The material used for the construction was of poor quality. Despite the approved building plans permitting only one basement, an additional basement has been constructed. This was overlooked during the periodic inspections by the building inspector of the municipal corporation. In your enquiry, you noticed that the construction of the mall was given the green signal despite encroaching on areas earmarked for a green belt and a slip road in the Zonal Master Plan of the city. The permission to construct the mall was accorded by the previous Municipal Commissioner who is not only your senior and well known to you professionally, but also a good friend.

Prima facie, the case appears to be of a widespread nexus between officials of the Municipal Corporation and the builders. Your colleagues are putting pressure on you to go slow in the enquiry. The builder, who is rich and influential, happens to be a close relative of a powerful minister in the state cabinet. The builder is persuading you to hush up the matter, promising you a fortune to do so. He also hinted that if this matter is not resolved at the earliest in his favour there is somebody in his office who is waiting to file a case against you under the POSH act.

Discuss the ethical issues involved in the case. What are the options available to you in this situation? Explain your selected course of action. (250 words) (20 Marks)

आप एक बड़े नगर के निगम आयुक्त हैं तथा आपकी छबि एक अत्यंत ईमानदार और कर्त्तव्यनिष्ठ अधिकारी की है। आपके नगर में एक विशाल बहुउद्देशीय मॉल निर्माणाधीन है जिसमें बड़ी संख्या में दैनिक मजदुरी पाने वाले श्रमिक कार्यरत हैं । मानसून के दौरान एक रात छत का बड़ा भाग गिर जाता है जिससे चार श्रमिकों की तात्कालिक मृत्यु हो जाती है जिनमें दो अवयस्क हैं। अनेक श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तत्काल चिकित्सा सेवा की आवश्यकता थी। दुर्घटना से मचे हाहाकार ने सरकार को जांच के आदेश देने हेतु बाध्य किया । 
आपकी प्रारंभिक जाँच में अनेक विसंगतियो का खुलासा हुआ।निर्माण में लाई गई सामग्री निम्न गुणवत्ता की थी। स्वीकृत निर्माण योजना में केवल एक निम्नतम की अनुमति थी लेकिन एक अतिरिक्त निम्नतल का निर्माण कर लिया गया। नगर निगम के इंस्पेक्टर द्वारा समय-समय पर गए निरीक्षण के दौरान इसको देखा गया । अपनी जांच के दौरान आपने पाया कि मास्टर प्लान में उल्लेखित हरित पट्टी व एक अभिगम प्रावधान के बाद भी मॉल के निर्माण को अनुमति प्रदान कर दी गई है। न केवल आपके चरित है और पेशेवर का मित्र भी है। 
प्रथमदृष्ट्या , यह प्रसग नगर निगम के अधिकारियों और निर्माणकर्ता के बीच व्यापक सांठगाठ प्रतीत होता है। आपके सातमी आप पर जान साकी आप पर जान जो मंद गति से करने का दबाव डाल रहे हैं।निर्माणकर्ता, जो कि समृद्ध और प्रभावशाली है राज्य मंत्रिमंडल के एक शक्तिशाली मंत्री का निकट रिश्तेदार है। निमणिकर्ता आपको नहीं राशि देने का वादा कर के प्रसंग को रफादफा करने के लिए बहला फुसला रहा है।वो यह भी इशारा कर रहा है की कि यदि प्रसंग उसका हित में शीघ्र निपटाया नहीं जाता है तो।कार्यालय में कोई आपके विरुद्ध यौन उत्पीड़न कार्यस्थल अधिनियम (पोश एक्ट) के अतर्गत मामला दर्ज करने का इन्तजार कर रही है। 
इस प्रसंग में निहित नीतिपरक मुद्दों का विवेचन कीजिए। इस परिस्थिति में आपके पास स विकल्प उपलब्ध है, आप के द्वारा चयनित क्रियाविधि को स्पष्ट कीजिए। 

  1. Parmal is a small but underdeveloped district. It has a rocky terrain that is not suitable for agriculture, though some subsistence agriculture is being done on small plots of land. The area receives adequate rainfall and has an irrigation canal flowing through it. Amria, its administrative centre, is a medium-sized town. It houses a large district hospital, an Industrial Training Institute and some privately owned skill training centres. It has all the facilities of a district headquarters. A trunk railway line passes approximately 50 kilometers from Amria. Its poor connectivity is a major reason for the absence of any major industry therein. The state government offers a 10 year tax holiday as an incentive to new industry.

In 2010 Anil, an industrialist decided to take benefits to set up Amria Plastic Works (APW) in Noora village, about 20km from Amria. While the factory was being built, Anil hired the required key labour and got them trained at the skill training centres at Amria. This act of his made the key personnel very loyal to APW.

APW started production in 2011 with the labour drawn fully from Noora village. The villagers were very happy to get employment near their homes and were motivated by the key personnel to meet the production targets with high quality. APW started making large profits, a sizeable portion of which was used to improve the quality of life in Noora. By 2016, Noora could boast of a greener village and a renovated village temple. Anil liaised with the local MLA to increase the frequency of the bus services to Amria. The government also opened a primary health care centre and primary school at Noora in buildings constructed by APW. APW used its CSR funds to set up women’s self-help groups, subsidize primary education to the village children and procure an ambulance for use by its employeed and the needy.

In 2019, there was a minor fire in APW. It was quickly extinguished as fire safety protocols were in place in the factory. Investigations revealed that the factory had been using electricity in excess of its authorized capacity. This was soon rectified. The next year, due to nationwide lockdown, the requirement of production fell for four months. Anil decided that all employees would be paid regularly. He employed them to plant trees and improve the village habitat.

APW had developed a reputation of high-quality production and a motivated workforce.

Critically analyse the story of APW and state the ethical issues involved. Do you consider APW as a role model for the development of backward areas? Give reasons. (250 words) (20 Marks)

परमल एक छोटा लेकिन अविकसित जिला है। यहाँ की जमीन पथरीली है जो कृषि योग्य नहीं है, 
माविका कृषि जमीन के छोटे टकड़ों पर की जाती है। क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा होती है आर सिंचाई की एक नहर वहाँ से बहती है। अमरिया एक मध्यम श्रेणी का शहर है जो कि इस जिले का प्रशासनिक केंद्र है। यहाँ एक बड़ा जिला अस्पताल, एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान और कुछ निजी कौशल प्रशिक्षण केंद्र है। एक जिला मख्यालय की सभी सुविधाएं यहाँ उप्लब्ध है | अमरिया सामग 50 कि.मी. दर एक मख्य रेल्वे लाईन गजरती है। इसकी कमजोर संयोजकता यहां पर कसा मा प्रकार के बड़े उद्योग के अभाव का मख्य कारण है। नए उद्योग को बढावा देने के लिए राज्य सरकार ने 10 वर्षों के लिए करावकाश दे रखा है। 
वर्ष 2010 में, अनिल, एक उद्योगपति ने विभिन्न लामों को लेने के लिए नूरा गाँव में, जो कि अमरिया से 20 कि.मी. दर है, अमरिया प्लास्टिक वर्क्स (ए.पी.डब्ल्य.) स्थापित करने का निर्णय लिया । जिस समय इस फैक्टरी का निर्माण हो रहा था तब अनिल ने आवश्यक मुख्य श्रमिकों को रोजगार दे कर उन्हें अमरिया के कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षित करवाया । उसके इस कृत्य से मुख्य श्रमिक ए.पी.डब्ल्यू. के प्रति बहुत वफादार हो गए। 
नूरा गाँव से ही सभी श्रमिकों को लेकर ए.पी.डब्ल्यू ने 2011 में उत्पादन प्रारम्भ किया । अपने घरों के पास ही रोजगार प्राप्त कर के गाँव वाले बहुत खुश थे और मुख्य श्रमिकों ने उन्हें उत्पादन के लक्ष्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए प्रेरित किया। ए.पी.डब्ल्यू ने बहुत लाभ कमाना प्रारम्भ किया जिसका एक बड़ा भाग नूरा गाँव में जीवन स्तर को सुधारने के लिए उपयोग में लिया माया | 2016 तक नूरा गाँव एक हरा-भरा गाँव होने का तथा गांव के मंदिर के पुनर्निर्माण पर गर्व कर सकता था। स्थानीय विधायक से संपर्क साध कर अनिल ने अमरिया जाने के लिए गाँव से बस सेवाओं की निरंतरता भी बढ़ा दी । सरकार ने नूरा गाँव में ए.पी.डब्ल्यू. द्वारा निर्मित भवनों में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक विद्यालय भी खोल दिया। अपने सी.एस.आर. कोष का उपयोग करते हुए ए.पी.डब्ल्यू ने महिला स्वयं सहायता समूह स्थापित किए, गाँव के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए उपदान प्रदान किया और अपने कर्मचारियों और गरीबों के उपयोग के लिए एक रोगी बाहन प्राप्त किया । 
2019 में ए.पी.डब्ल्यू. में एक छोटी सी आग लगी । चूंकि फैक्टरी में अग्नि शमन सुरक्षा की उपयुक्त व्यवस्था


थी इसलिए आग को शीघ्र बुझा दिया गया। जांच में पता चला कि फैक्टरी अपनी अधिकृत क्षमता से अधिक बिजली का उपयोग कर रही थी। इसे शीघ्र ही सुलझा लिया गया। अगले वर्ष, देशव्यापी लाकडाउन के कारण उत्पादन की आवश्यकता में चार महीनों के लिए गिरावट आ गई। अनिल ने निर्णय लिया कि सभी कर्मचारियों को नियमित रूप से भुगतान किया जाएगा। उसने कर्मचारियों को वृक्षरोपण और गांव के प्राकृतिक वास को सुधारने के लिए काम में लिया । 
ए.पी.डब्ल्यू. ने उच्चस्तरीय उत्पादन और अभिप्रेरित श्रमिक बल की ख्याति अर्जित की। 
ए.पी.डब्ल्यू. की कहानी का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए और अंतर्निहित नीतिपरक मुद्दों का उल्लेख कीजिए | क्या आप ए.पी.डब्ल्यू. को पिछड़े हुए क्षेत्रों के विकास के लिए आदर्श मॉडल के रूप में देखते है ? कारण दीजिए ।

  1. Migrant workers have always remained at the socio-economic margins of our society, silently serving as the instrumental labour force of urban economics. The pandemic has brought them into national focus.

On announcement of a countrywide lockdown, a very large number of migrant workers decided to move back from their places of employment to their native villages. The non-availability of transport created its own problems. Added to this was the fear of starvation and inconvenience to their families. This caused, the migrant workers to demand wages and transport facilities for returning to their villages. Their mental agony was accentuated by multiple factors such as a sudden loss of livelihood, possibility of lack of food and inability to assist in harvesting their rabi crop due to not being able to reach home in time. Reports of inadequate response of some districts in providing the essential boarding and lodging arrangements along the way multiplied their fears.

You have learnt many lessons from this situation when you were tasked to oversee the functioning of the District Disaster Relief Force in your district. In your opinion what ethical issues arose in the current migrant crisis? What do you understand by an ethical care giving state? What assistance can the civil society render to mitigate the sufferings of migrants in similar situations? (250 words) (20 Marks)

गरीय अर्थतंत्र के सहायक श्रमिक बल के रूप में मूक रह कर सेवा प्रदान करते हए, प्रवासी श्रमिक सदैव हमारे समाज के सामाजिक-आर्थिक हाशिये पर रहे हैं। महामारी ने उन्हें राष्ट्रीय केंद्रबिंद पर ला दिया।
देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा से, प्रवासी श्रमिकों की एक बड़ी संख्या ने अपने रोजगार के स्थानों से अपने मूल गाँवों को लौटने का निर्णय लिया । आवागमन की अनपलब्धता ने अपनी समस्याएं खड़ी कही। इसके अलावा अपने परिवारों को मुखमरी और असुविधा का डर भी उन्हें सता रहा था। 
 इसके चलत प्रवासी श्रमिकों ने अपने गाँवों को लौटने के लिए मजदरी और आवागमन का सुविचार मांगी। उनकी मानसिक व्यथा बहु 
कारणों से और भी बढ़ गई जैसे आजीविका का आकस्मिक नुकसान भोजन के अमाव की संभावना और समय पर घर नहीं पहंच पाने से रवि की फसल की कटाई में मदद नहीं करने की असमर्थता । उनकी आशंकाएं ऐसी खबरों से और भी बढ़ गई जिनमें त म कुछ जिलों में रहने और खाने के अपर्याप्त प्रबन्ध के बारे में बताया गया था। 
जब आपका अपने जिले के जिला आपदा मोचन बल की कार्यवाही का संचालन करने की जिम्मेदारी दी गई थी तो इस परिस्थिति से आपने अनेक सबक हासिल किए। आपके मतानुसार सामयिक प्रवासी संकट में क्या नीतिपरक महे उभर कर आए ? एक नीतिपरक सेवा प्रदाता राज्य से आप क्या समझते है? समान परिस्थितियों में प्रवासियों की पीडाओं को कम करने में सम्य समाज क्या सहायता प्रदान कर सकता है?


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